सुप्रभात मित्रगण
ये ब्लॉगर पर मेरा पहला ब्लॉग हैं तो मैंने सोचा कि क्यों न शुरुआत गांव के मुद्दे से ही किया जाये !
मुझे अपने गांव से बहुत प्यार हैं और आपलोगों को भी होगा ! हम चाहे कहीं भी रहें मगर अपने गांव , अपनी मिट्टी ,अपने समाज और अपने संस्कार को नही भूल सकते !और भूलें भी क्यों ? जिस गांव ने हमें हमेशा अपना माना हैं जिन लोगों ने हमें अपना माना हैं , उस गांव के प्रति , उन लोगों के प्रति हमारा उत्तरदायित्व बनता हैं कि उनके लिए कुछ कर सकें !
मेरी आपको एक छोटी सी कहानी सुनाता हूँ ! चीन में एक गांव था , जिसका नाम हुआनक्सी था ! 60 - 70 के दशक में उस गांव के हालात दयनीय थी ! वहां कचची सड़कें थी , ट्रांसपोर्ट , स्कूल , हॉस्पिटल और अन्य मुलभुत सुविधाएँ जो आवश्यक होतीं हैं , नदारद थी ! मगर इतनी दिक्कतों के बीच एक चीज उत्साह बढ़ानेवाली थी कि उस गांव के लोग भी बहुत मेहनती थे जैसे कि हर गांव के होते हैं इस वजह से खाने पिने मैं कोई दिक्कत नही थी !
उस समय एक चीनी कम्युनिस्ट नेता ने इस गांव के बारे में सोचा कि अगर इस गांव के लोगों को सही दिशा दे दी जाये तो येलोग कुछ भी कर सकते हैं ! उन्होंने उसी समय ठान लिया कि मुझे इस गांव को आत्मनिर्भर बनाना हैं ! उसके बाद उन्होंने प्रयत्न करने शुरू कर दिए ! सबसे पहले कुछ छोटे-छोटे उद्योग लगाए गए जिसके लिए जो भी कच्ची सामग्री चाहिए थी वो सब किसान खेत में ही उपजाने लगे जिसके उन्हें भी अपनी फसल का सही दाम मिलने लगा और फैक्ट्री को भी !
अब उस गांव के अभी के कंडीशन के बारे में सुनिये ! उस गांव में सडकें बहुत अच्छी बन चुकी हैं गांव में खाने के लिए पैसा नही लगता हैं ! सब लोग गांव के मेस में खाने कहते हैं ! जहाँ कभी स्कूल भी नहीं था वहां आज कॉलेज भी हैं और पढाई के लिए बिलकुल भी पैसा नही लगता हैं ! मेडिकल फैसिलिटी मुफ्त हैं ! बृद्ध लोगों के लिए पैंशन के सुविधा गांव ही करती हैं ! गांव का अपना ट्रांसपोर्टिंग सिस्टम हैं ताकि किसी को भी आने जाने में दिक्कत न हो ! और उस गांव किए आबादी मात्र 5000 हैं लेकिन बाहर से बहुत सारे लोग आकर वहां नौकरी करते हैं ! हुकनसी की एक ईमारत दुनिया के टॉप 5 ईमारत में आती हैं , जिसमे 5000 लोग रह सकते हैं मतलब जितने भी गांववाले हैं सब ! और सभी के अकाउंट में 32 लाख युआन की सम्पति हैं हैं ! अब इससे ज्यादा लोगों को क्या चाहिए !
सिर्फ एक इंसान ने ये बात आज से 60 साल पहले सोचा और उसे आदर्श गांव बना दिया ! लेकिन हम तो बहुत सारे हैं और 60 साल बाद वाली पीढ़ी से हैं हैं ! तब हमलोग कुछ क्यों नहीं सकते , बिलकुल कर सकते हैं !
भारत में 600000 गांव हैं ! गांव के दस लोग भी इसे समझ कर कदम बढ़ाएं तो हमारा देश अगले में चोटी पर होगा , इसमें संदेह की कोई गुंजाइश नही हैं ! और मुझे ये भी पता हैं कि हम सब अपने देश से बहुत प्यार करते हैं तो क्यों न एक कदम हम भी बढ़ाएं इसकी बेहतरी के लिए !
धन्यवाद
goood going jha g
ReplyDelete