नमस्कार मित्रगण
ये बात आप भी जानते हैं कि जो बातें मैंने ऊपर कहीं हैं इस में कुछ भी बिशेष नही था ! बिशेष बात ये हैं कि नेपोलियन ने अपने जीवन मैं ऐसा काम कर दिया था कि उसे भुलाया ही नही जाया सकता ! उसने अपना पूरा जीवन अपने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था ! बात सिर्फ नेपोलियन की ही नही हैं ! बात हैं उन सब महान सख्शियतों जिनका नाम बड़े आदर और गर्व से लेते हैं ! जरुरी नही कि सबकुछ छोड़कर सामाजिक कार्यों में लग जाएँ ! ये भी सही नही हैं ! क्योंकि आपके कुछ अपने भी होतें हैं जिन्हें आपसे बहुत उम्मीद होती हैं ! मेरी सोच ये हैं कि जिस क्षेत्र में रहें उसी में अपना सर्वश्रेष्ठ दें ! ताकि लोग आपके बाद भी आपका नाम और काम नही भूल सकें !
आज बहुत दिन कुछ लिखने का मौका मिला हैं क्योंकि रूटीन थोड़ा बहोत व्यस्त हो गया हैं इस वजह से मेरा मन भी नही लग रहा था तो सोचा कि चलो कुछ किया जाए !
मैं क्या कर सकता हूँ या आप क्या कर सकते हैं , इसकी कोई सिमा नही हैं ! इस दुनिया मैं इस कुछ भी नही हैं जो हम नही कर सकते हैं ! क्योंकि चंद प्राकृतिक चीजों को छोड़कर जो कुछ भी इस संसार में हैं , वो सब मनुष्य के द्वारा ही निर्मित हैं ! मैं ये भी नही कहता कि सारी चीजें कुछ ही बरसों में निर्मित हो गयी और उसे सिर्फ एक या कुछ लोगों के समूह ने मिलकर बना दिया ! ये सब हुआ हैं मानवजाति की बरसों की मेहनत के उपरांत !
आज तक इस धरती पर कई पीढियां हुई और सभी से जो बन पड़ा , वो योगदान इस संसार को मिला ! अगर इस नही हुआ होता तो आज के संसार और 50000 साल पहले के संसार में कोई अंतर नही रह जाता ! धीरे धीरे मगर निरंतर प्रयासों के कारण ही हम आज की सुविधापूर्ण दुनिया में साँस ले पा रहे हैं !
दोस्तों , हम भी इस संसार के ऋणी हैं क्योंकि यहां हमे जीवन मिला हैं और जो जीवन दे वो तो पूजनीय हैं ! तो हमारा भी फर्ज बनता हैं कि इस संसार को कुछ देकर जाएँ ताकि इसकी रचना में थोड़ी ही हिस्सेदारी हमारी भी हो ! क्योंकि हमें तो बहुत कुछ मिला हैं संसार से , अब थोड़ा तो हम भी कर ही सकते हैं !
अगर हम ये सोचें कि हमें क्या लेना इस सबसे ! ये सिर्फ सामाजिक लोगों का काम हैं , हमें फुरसत कहाँ हैं ? तो मैं बता दूँ कि जिस दिन नेपोलियन का जन्म हुआ होगा , उस दिन और भी बहुत सारे लोगों ने जन्म लिया होगा ! मगर हम सिर्फ नेपोलियन को जानते हैं ! क्यूँ ? क्या भगवन ने उसे कुछ और ही नाक नक्स दिया था या फिर उसके दो से अधिक हाथ पावँ थे ? या फिर उसे कोई दैविक शक्ति प्राप्त थी ?
ये बात आप भी जानते हैं कि जो बातें मैंने ऊपर कहीं हैं इस में कुछ भी बिशेष नही था ! बिशेष बात ये हैं कि नेपोलियन ने अपने जीवन मैं ऐसा काम कर दिया था कि उसे भुलाया ही नही जाया सकता ! उसने अपना पूरा जीवन अपने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था ! बात सिर्फ नेपोलियन की ही नही हैं ! बात हैं उन सब महान सख्शियतों जिनका नाम बड़े आदर और गर्व से लेते हैं ! जरुरी नही कि सबकुछ छोड़कर सामाजिक कार्यों में लग जाएँ ! ये भी सही नही हैं ! क्योंकि आपके कुछ अपने भी होतें हैं जिन्हें आपसे बहुत उम्मीद होती हैं ! मेरी सोच ये हैं कि जिस क्षेत्र में रहें उसी में अपना सर्वश्रेष्ठ दें ! ताकि लोग आपके बाद भी आपका नाम और काम नही भूल सकें !
हम जब भी कभी रेलवे स्टेशन , सड़क , फुटपाथ और ऐसी कुछ जगहों पर असहाय लोगों को देखते हैं तो तकलीफ होती हैं ! खासकर बच्चों को देखकर किसका दिल नही पसीजता होगा ! वो जूठे बर्तनों में भी आशा की नज़रों से देखते हैं कि शायद कुछ मिल जाये ! दुर्भाग्यवश उन्हें कुछ भी नही मिलता ! मैं पूछता हूँ कि क्या वो देश के नागरिक नही हैं ? उन्हें खाने के लिए भी कुछ नही मिल सकता ? सरकार की योजनाएं सिर्फ बाकि लोगों के लिए ही होती हैं ?
मैंने जब अपने एक मित्र से इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया की योजनाएं तो बनती हैं और पैसा भी आवंटित हो जाता हैं लेकिन उसे अपने द्वारा बनाये गए चैरिटी में चुपके से भेज दिया जाता हैं! कुछ लोग मजबूर के हक़ को भी छीन लेते हैं !
मेरे कहने का उद्देश्य ये था कि अगर हम सावधान हो जाएँ तो कौन उनका हक छीन सकता हैं ? ऐसा कौन सा काम हैं जो हम नही कर सकते हैं ! बस जब तक अपने लक्ष्य को पाने में सफल न हो जाएँ , तब तक ऐसे लोगों से दूर हो जाएँ जो आपसे ये कहें , कि तुम यह नही कर सकते !
चलोगे तो रोकने वाले मिलेंगे
रुकोगे तो टोकने वाले मिलेंगे
चलोगे तो रोकने वाले मिलेंगे
रुकोगे तो टोकने वाले मिलेंगे

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